गंगापुरसिटी। विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के तत्वावधान में होने वाले अखिल भारतीय गीता महोत्सव की तैयारियां पूर्ण जोश एवं भावना से चल रही हैं। संस्था के 25 वर्ष पूरे होने पर गंगापुर सिटी, राजस्थान में यह रजत जयंती समारोह 25 से 27 दिसम्बर 2022 को मनाया जाएगा। कार्यक्रम स्थल होटल द पर्ल होगा। इसमें देश, विदेश के लगभग 400-500 गीता मनीषी, विद्वज्जन, शिक्षाविद, संतजन व प्रतिष्ठित लोग भाग लेंगे। यह त्रि-दिवसीय महोत्सव आवासीय होगा। आवास व्यवस्था शहर के होटल, रिसोर्ट, धर्मशाला, होस्टल व गीता प्रेमी जनों के यहाँ रखी गई है।
विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के रजत जयन्ती वर्ष में जन जागरण के लिए गंगापुर सिटी में नियमित दो-दो स्थानों पर गीता स्वाध्याय चल रहा है। 30नवम्बर व 1दिसम्बर को श्री भागीरथ जी शर्मा, खण्डेलवाल धर्मशाला के पास, श्री शिवचरण जी बीओबी, गिर्राज मिल्स, श्री केशव कुमार शर्मा, केशवानंद नगर, नादौती रोड वार्ड न:49,,(आशीष स्कूल वालों का मकान) कॉलेज रोड गंगापुर सिटी आदि स्थानों पर गीता स्वाध्याय कार्यक्रम हुआ। स्वाध्याय शिक्षक एवं विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के पदाधिकारी डॉक्टर सी पी गुप्ता प्रान्त व्यवस्था प्रमुख, डॉक्टर बृजेन्द्र सिंह गुर्जर प्रान्त स्वाध्याय प्रधान, डॉक्टर क्षितिज गुप्ता, सवाईमाधोपुर जिला संयोजक विश्वगीताप्रतिष्ठानम् ने गीता स्वाध्याय कराया। दीप प्रज्वलन, श्रीगणेश-गौरी, सरस्वती एवं ईश वंदना के बाद सश्वर गीता स्वाध्याय पाठ किया गया और मानव कल्याण एवं मानव धर्म के लिए स्थापित श्रीमद्भगवतगीता के सूत्रों एवं संदेश को सरलभाषा में उपस्थित जन समुदाय को समझाया। सभी ने पूरे मन से उत्साह पूर्वक भाग लिया। विश्वगीताप्रतिष्ठानम् संस्था के उद्येश्यों को समाहित किए गीता-गान के बाद विश्व के सर्वोत्कृष्ट एवं सर्वमान्य ग्रन्थ श्रीमद्भगवद्गीता में दिए सूत्र 'कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन' की व्याख्या करते हुए डॉ. सी पी गुप्ता ने बताया कि हमारा अधिकार कर्म करने तक सीमित होवे। छल कपट छोड़कर पूरे मनोयोग से निष्ठा और ईमानदारी से कर्म करें तो सफलता निश्चित है। यही निष्काम कर्मयोग है और कर्म बन्धन से छूटने का भी मंत्र है। इसी को धर्म ऐसा कहते हैं। श्रीमद्भगवद्गीता- जाति, सम्प्रदाय, आयु, लिंग, भाषा, देश-काल से परे एवं सभी वर्गों व वर्णों के लिए मार्गदर्शक का कार्य करती है। विद्यार्थियों को बचपन से ही गीताजी का पाठ करना चाहिए। डॉ बृजेन्द्र सिंह जी ने सबसे 25, 26, 27 दिसम्बर को गंगापुरसिटी में होने वाले विश्वगीताप्रतिष्ठानम् के रजत जयंती समारोह में होने वाले अखिल भारतीय गीता महोत्सव में सहभागी बनने और सहयोग करने का आव्हान किया। ब्रह्मनाद के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।