जयपुर. राजस्थान सरकार के माइन्स एवं पेट्रोलियम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने कहा है कि 'अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व खान विभाग मिलकर संयुक्त कार्यवाही करेंगे. इतना ही नहीं विभाग के विजिलेंस प्रकोष्ठ का पुनर्गठन कर सेटेलाइट इमेजरी और ड्रोन आदि का उपयोग भी किया जाएगा. राजसमन्द में पायलेट प्रोजेक्ट के रुप में अत्याधुनिक उपकरणों के उपयोग के उत्साहजनक परिणाम प्राप्त हुए हैं. अब इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा.
अग्रवाल ने बताया कि समन्वित और योजनाबद्ध प्रयासों से खान विभाग की राजस्व आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है. राज्य की एमसेण्ड नीति जल्दी ही लागू होगी वहीं राज्य सरकार द्वार गठित कमेटी द्वारा नई खनिज नीति के प्रारुप को अंतिम रुप दिया जा रहा है. एसीएस माइन्स डाॅ. अग्रवाल मंगलवार को खनिज भवन में खान व भूविज्ञान विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने बताया कि अवैध खनने के 3033 प्रकरण दर्ज कर 219 एफआईआर दर्ज कराई गई है और 21 करोड़ से अधिक की पेनल्टी वसूल की जा चुकी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित राजस्व स्थगन प्रकरणों में सरकार का पक्ष रखते हुए स्थगत हटवाने के प्रयास किए जाएं. बजरी खनन पर सर्वोच्च न्यायालय की रोक के संदर्भ में जल्दी ही सीईसी के समक्ष प्रभावी तरीके से राज्य का पक्ष रखा जाएगा ताकि अवैध बजरी खनन का स्थाई समाधान हो सके. उन्होंने बताया कि खनिज बजरी के दीर्घकालीक विकल्प के रुप में एम-सेण्ड के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए नई नीति लाई जा रही है. आंध्र प्रदेश, तमिलनाड़ू और तेलंगाना में बजरी के विकल्प के रुप में एम-सेण्ड का सफलतापूर्व उपयोग किया जा रहा है.
डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि विभाग ने राजस्व बढ़ोतरी के लिए 110 ठेकों की ई नीलामी की प्रक्रिया शुरु कर दी है. प्रधान खनिज के जैसलमेर के दो व झुन्झुनू और नागौर के एक एक कुल चार ब्लाॅकों की ई आॅक्शन की प्रक्रिया शुरु होने में है. राजस्व बढ़ोतरी के प्रयासों की चर्चा करते हुए डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि कोविड के कारण बुरी तरह से प्रभावित व्यवस्था को पटरी पर लाया गया है और जून, जुलाई और अगस्त में गए साल के इन्ही माहों की तुलना में अधिक राजस्व अर्जित किया गया है. सितंबर 20 में ही सितंबर, 19 की तुलना में अब तक 33 प्रतिशत अधिक राजस्व अर्जित किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि अक्टूबर या नवंबर के मध्य तक राजस्व गत वर्ष के बराबर हो जाएगा वहीं इस वित्तीय वर्ष में राजस्व अर्जन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी जाएगी.
डाॅ. अग्रवाल ने सीएमआईएस पोर्टल, संपर्क पोर्टल, मुख्यमंत्री व खान मंत्री के निर्देशों, न्यायालयों के प्रकरणों में जबाव दावे प्रस्तुत करने सहित कार्यवाही अभियान चलाकर निपटाने के निर्देश दिए. निदेशक खान एवं भूविज्ञान केबी पाण्डया ने बताया कि विभाग द्वारा अवैध खनन पर प्रभारी रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाए जा रहे हैं वहीं राजस्व बढ़ोतरी के ठोस प्रयास किए जा रहे हैं. संयुक्त सचिव ओम कसेरा ने बताया कि विभाग द्वारा नई नीति तैयार करने के साथ ही नियमों का सरलीकरण किया जा रहा है. बैठक में उप निदेशक माइन्स मंजू राजपाल, विभाग शासन उप सचिव नीतू बारूपाल भी मौजूद रहे.