जयपुर। इंडिया इंटरनेशनल स्कूल की आठवीं कक्षा की छात्रा प्रियांशी माथुर की सजगता से मांझे में बुरी तरह फंसे पक्षी को रेस्क्यू किया गया। दरअसल मकर संक्रांति के दूसरे दिन रविवार सुबह मानसरोवर में अपने घर की बॉलकनी में अखबार पढऩे बैठी प्रियांशी को अचानक कुछ दूरी पर तारों के बीच कुछ हिलता सा नजर आया। गौर से देखने पर तारों में उलझे मांझे फंसा कबूतर तड़पता नजर आया। उसने तुरंत अपने ताऊजी व पापा को बताया। ऊंचाई ज्यादा होने के कारण कबूतर को उतारना मुश्किल था। इसलिए तुरंत पक्षी हैल्पलाइन को सूचित किया गया। पक्षियों को बचाने वालों की सजगता भी देखिए, कुछ ही मिनटों में दायित्व एक संकल्प टीम से करण अपने साथी के साथ आ गए। वहीं नेचर केयर बर्ड रेस्क्यू टीम के चार युवा साथी पूरे इंतजाम के साथ आ गए। दोनों संगठनों के युवा कार्यकर्ताओं ने कई मिनटों तक कबूतर के पंखों में फंसे मांझे के गुच्छों को काटकर निकाला। साथ ही घावों पर दवा लगाई गई। रेस्क्यू टीम का कहना था कि यदि 15-20 मिनट भी यह कबूतर ऐसे फंसा रहता तो इसकी मौत हो सकती थी। आखिर इस छोटे से पक्षी में जान ही कितनी होती है। सभी ने इस पुनीत कार्य के लिए एक-दूसरे को धन्यवाद दिया। रेस्क्यू करने के बाद कबूतर को रिलीज करने का प्रयास किया गया, लेकिन उस समय वो उड़ान नहीं भर सका। इसलिए नेचर केयर बर्ड रेस्क्यू टीम उसे अपने साथ लेकर चली गई। एक-दो दिन बाद पूरी तरह सही होने पर उसे रिलीज किया जाएगा।



