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इमैनुअल शार्पेंची और जेनफिर डाउडना को मिला केमिस्ट्री के लिए नोबेल पुरस्कार, इतनी बड़ी है इनामी राशि

स्टॉकहोम. केमिस्ट्री विज्ञान में वर्ष 2020 का नोबेल पुरस्कार इमैनुअल शार्पेंची और जेनफिर डाउडना को दिया गया है. यह पुरस्कार जीनोम एडिटिंग का तरीका खोजने के लिए दिया गया है जिसकी स्वीडिश अकेडमी ऑफ साइंसेज पैनल ने घोषणा की है. इस पुरस्कार के जरिए अकसर उन कार्यों को सम्मानित किया जाता है, जिनका आज व्यावहारिक रूप से विस्तृत उपयोग हो रहा है. पिछले साल की बात करें तो इस कडी में लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाले वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था. आपको बता दें कि यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है. नोबेल पुरस्कार के तहत स्वर्ण पदक के साथ एक करोड़ स्वीडिश क्रोना जो की भारतीय रुपयों में 8.20 करोड़ की राशि है इनाम में दी जाती है. इससे पहले नोबेल पुरस्कार समिति ने शरीर विज्ञान एवं औषधि क्षेत्र का नोबेल पुरस्कार अमेरिकी वैज्ञानिकों- हार्वे जे आल्टर और चार्...

सावधान! अभी 10 माह और रहेगा कोरोना महामारी का खतरा: WHO

जिनेवा. दुनियाभर में कोरोना महामारी का खतरा फिलहाल टला नहीं है. और आने वाले 10 महीनों में भी इसके खत्म होने की संभावना नजर नहीं आ रही हैं. यह बात कोई और नहीं कह रहा बल्कि खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कही है. इस लिहाज से अब जरूरत है लोगों को और सावधानी बरतने की, ताकि किसी भी तरह से इस महामारी से निपटा जा सके. जिनेवा स्थित मुख्यालय में महामारी पर काबू पाए जाने के लिए हो रही बैठक में WHO के हेल्थ इमर्जेंसी प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक माइकल रयान ने यह दावा करते हुए कहा कि, 'अभी आगामी 10 महीने और यह संकट खत्म होने का कोई संकेत नहीं है. कई देशों में कोरोना वायरस नियंत्रण के लिए लगाए गए प्रतिबंधों में ढील के बाद सैकंड वेव आ रही है. इसमें संख्या बढ़ रही है.' माइकल रयान के मुताबिक दुनिया की आबादी में से 10% लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं. कोरोना वायरस संक्रमण का रिस्क शहरी और ग्रामी...

मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्‍कार की घोषणा, जानें किसे मिला पुरस्‍कार

स्‍वीडन के स्‍टॉकहोम शहर में मेडिसिन के क्षेत्र में नोबेल पुरस्‍कार की घोषणा कर दी गई है. इस साल का नोबेल पुरस्‍कार हार्वे अल्‍टर (Harvey Alter), माइकल हॉफटन (Michael Houghton) और चार्ल्‍स राइस (Charles Rice) को दिया गया है. इन वैज्ञानिकों को हेपटाइटिस सी वायरस की खोज के लिए दिया गया है. बता दें कि अल्‍टर और चार्ल्‍स राइस जहां अमेरिका से हैं वहीं माइकल हॉफटन ब्रिटेन के न‍िवासी हैं. दुनियाभर से तीनों ही वैज्ञानिकों को बधाइयां मिलने का सिलसिला जारी है....

भारत ने परमाणु संपन्न शौर्य मिसाइल का किया सफल परीक्षण, 800 किमी दूर तक टारगेट कर सकता है तबाह

ओडिशा. भारत ने एक और उपलब्धि हासिल करते हुए शनिवार को ओडिशा के बालासोर से शौर्य मिसाइल ने नए वर्जन का सफल परीक्षण किया. जमीन से जमीन पर मार करने वाला यह बैलेस्टिक मिसाइल परमाणु क्षमता से लैस है और 800 किलोमीटर दूर तक टारगेट को तबाह कर सकता है. यह मिसाइल मौजूदा मिसाइल सिस्टम के साथ देश को रक्षा के क्षेत्र में मजबूत करेगा. यह संचालन में हल्का व आसान है. बड़ी बात यह है कि भारत ने इस आधुनिक मिसाइल का परीक्षण ऐसे समय पर किया है जब एलएसी (LAC)पर चीन के साथ तनाव चरम पर है और चीन भारत के हर मामले पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है. बता दें कि भारत ने इस बीच ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है, जो 400 किमी दूर तक टारगेट को हिट करने में सक्षम है.जो पिछले मिसाइल की क्षमता से 100 किलोमीटर अधिक है. शौर्य मिसाइल का पहला परीक्षण 2008 में ओडिशा के चांदीपुर समेकित परीक्षण रेंज से किया...

6 साल में कर दिया 26 साल में होने वाला काम, देश के नाम जुड़ी दुनिया की सबसे बड़ी उपलब्धि

हिमाचल. भारत देश के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. हिमाचल प्रदेश में दुनिया की सबसे लंबी हाईवे सुरंग आमजन के लिए खुल गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामरिक रूप से अहम सभी मौसम में खुली रहने वाली अटल सुरंग (अटल टनल) का शनिवार को सुबह 10 बजे हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में उद्घाटन किया. बड़ी बात यह है कि इस सुरंग के कारण अब मनाली और लेह के बीच की दूरी 46 किलोमीटर कम हो गई. उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हिमाचल के CM जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे. उद्घाटन समारोह के बाद पीएम मोदी ने लाहौल स्पीति के सीसू और सोलांग घाटी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में संबोधित किया. अटल सुरंग दुनिया में सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है और 9.02 लंबी सुरंग मनाली को साल भर लाहौल स्पीति घाटी से जोड़े रखेगी. पहले घाटी छह महीने तक भारी बर्फबारी के कारण शेष हिस्से से कटी रहती थी. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इस टनल स...

लो चीन ले आया अब यह नया वायरस, बुखार के साथ प्रजनन शक्ति कर सकता है खत्म

चीन. दुनिया की आंखों की किरकिरी बना चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. अभी उसकी लापरवाही से कोरोना का कहर दुनियाभर में आतंक मचाए हुए हैं, कोरोना संक्रमण समाप्त होने का नाम भी नहीं ले रहा है कि एक नए वायरस ने चीन में दस्तक दे दी है. इतना ही नहीं इस वायरस से चीन में लोगों में तेज संक्रमित होने का दौर भी शुरू हो गया है. बड़ी बात यह है कि आमतौर पर यह बीमारी मवेशियों को होती है. और यदि यह बीमारी इंसानों को हो जाए तो संक्रमण से तेज सिरदर्द, बुखार और बेचैनी होती है. यह ऐसी बीमारी है जिसकी वजह से पुरुषों और महिलाओं के अंडकोष खराब हो सकते हैं. इसके अलावा यह प्रजनन क्षमता और प्रजनन प्रणाली को पूरी तरह से खत्म कर सकता है. बता दें चीन के गांसू प्रांत में अब तक 21,847 लोगों की जांच की जा चुकी है. इनमें से 4,646 लोग प्राइमरी तौर पर पॉजिटिव पाए गए हैं. जबकि, 3245 लोग स्पष्ट तौर पर इस बीमारी से संक्...

देसी वैक्‍सीन का पहले ही चरण में कमाल, बंदरों में किया कोरोना वायरस का सफाया

नई दिल्ली. भले ही भारत में दुनिया के अन्य देशों के साथ सीरम इंस्टिट्यूट की ऑक्‍सफर्ड वैक्‍सीन का ट्रायल रोक दिया गया हो लेकिन कोरोना की जंग में अच्छी खबरें आने का सिलसिला अभी भी जारी है. देश के वैज्ञानिक और चिकित्सक कोरोना संकटकाल का मुकाबला करने के लिए दिन रात एक किए हुए हैं. BIG NEWS: भारत में 64 लाख लोग मई में ही हो चुके थे कोरोना संक्रमित! पूरी खबर पढें. अब जो बड़ी और अच्छी खबर आई है वो यह है कि भारत बायोटेक की कोरोना वायरस वैक्‍सीन 'कोवैक्सिन' का जानवरों पर ट्रायल सफल रहा है. खुद कंपनी ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि Covaxin ने बंदरों में वायरस के प्रति ऐंटीबॉडीज विकसित की, जो अच्छे संकेत हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि लैब के अलावा जीवित शरीर में भी यह वैक्‍सीन कारगर साबित हुआ है. भारत बायोटेक ने इसके लिए पहले चरण में खास तरह के बंदरों को वैक्...

भारत में 64 लाख लोग मई में ही हो चुके थे संक्रमित! ICMR के सीरो सर्वे में बड़ा खुलासा

नई दिल्ली. भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने पूरे देश में किए गए सीरो सर्वे (Sero Survey) के पहले दौर के नतीजों का ऐलान किया तो बड़ा हड़कंप मच गया. सर्वे में ना केवल भारत की ग्रामीण आबादी को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए बल्कि यह भी संकेत मिले हैं कि भारत में मई की शुरुआत तक ही 64,68,388 लोगों के कोरोना वायरस संक्रमण के चपेट में ले चुका था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सर्वेक्षण के निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि भारत में ‘सीरोप्रेवलेंस’ (प्रसार) समग्र रूप से कम था और मई 2020 के मध्य तक केवल 1% व्यस्क आबादी ही सार्स-COV-2 की चपेट में आई थी. गौरतलब है कि कारोना सीरो सर्वे में किसी संक्रमित क्षेत्र में रहने वाले लोगों के खून के सीरम की जांच की जाती है. इस सर्वे में लोगों के शरीर में कोरोना वायरस से लड़ने वाले एंटीबॉडीज की...

रूस की जनता को मिला कोरोना वैक्सीन का पहला बैच, अब भारत सहित पांच देशों में होगा क्लीनिकल ट्रायल

रूस में बनी कोरोना की वैक्सीन के पहले बैच को आम जनता के लिए लॉन्च कर दिया गया है. रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात की जानकारी दी है. रूस के गमेलिया रिसर्च सेंटर और रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड ने इस स्पूतनिक वी नाम की वैक्सीन को बनाया है. मॉस्को.रूस में आम जनता को कोरोना वैक्सीन का पहला बैच मिल गया है, और अब भारत समेत पांच देशों में जल्द इसका क्लीनिकल ट्रायल भी होगा. रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय की और से जैसे ही यह बयान सामने आया तो दुनिया के कई देशों ने राहत की सांस ली है. बयान में कहा गया है कि, "कोरोना वायरस से बचाने वाली स्पूतनिक वी वैक्सीन ने लैब में सभी जरूरी टेस्ट पास कर लिए हैं, इसके पहले बैच को आम जनता के लिए रिलीज़ कर दिया गया है.' उम्मीद यह भी जताई जा रही है कि आने वाले कुछ महीने में ही राजधानी मास्को के सभी लोगों को यह वैक्सीन दे दी जाएगी. इसके अलावा पूरे देश में टीकाकरण ...

कोरोना संकटकाल में इस युवा ने बना दी देश की पहली e-कक्षा, 1 करोड़ 70 लाख बच्चों पढाने उनके घर ऑनलाइन पहुंच रहे हैं शिक्षक

जयपुर. जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता का मूल मंत्र है व्यक्ति की दढ इच्छा शक्ति, अटूट विश्वास और एकनिष्ठ प्रयास. सफलता का इतिहास लिखने वाले सभी व्यक्तियों ने इसी गुण के बल पर महान सफलताएं अर्जित की हैं. और उन्नति के महान शिखरों पर आरुढ हुए हैं. ऐसा ही एक ताजा उदाहरण पेश किया है राजस्थान के एक युवा जिनेन्द्र सोनी ने. जहां कोरोना संकटकाल और लॉकडाउन के बीच लोग निराशा के वातावरण में जी रहे थे, भयभीत थे, कुछ नया करने से कतरा रहे थे, शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से ठप थी, ऐसी तमाम बाधाओं के बीच जिनेन्द्र सोनी वो युवा थे जिन्होने ना केवल देश को इस संकटकाल में भी कुछ नया देने की ठानी, बल्कि करोड़ों बच्चों की स्कूली शिक्षा और पढाई खराब ना हो इस लिहाज से कुछ नया करने का संकल्प लिया. और दो माह के अपने दिन-रात के प्रयासों, फौलादी इरादों से वो काम कर दिखाया जो संकटकाल की इस घडी की सबसे बडी डिमांड बन...