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आकाश गंगाओं का इंधन खत्म! 8-10 अरब वर्ष पहले जहां तारों की उत्पत्ति अपने उच्चतम स्तर पर थी वह अब नगण्य

नई दिल्ली। लगभग 8-10 अरब वर्ष पहले आकाश गंगाओं में तारों की उत्पत्ति अपने उच्चतम स्तर पर थी और उसके बाद उसमें लगातार गिरावट आई है। इसके पीछे के कारणों की खोज करने पर पाया गया है कि तारों की उत्पत्ति संबंधी गिरावट का कारण संभवत: आकाश गंगाओं में ईंधन का खत्म होना रहा होगा। अरबों साल पहले युवा ब्रह्मांड में तारों की उत्पत्ति संबंधी गतिविधियों पर नजर रखने वाले खगोलविद लंबे समय से इस तथ्य की खोजबीन कर कर रहे हैं। खगोलविदों के मुताबिक हाइड्रोजन निर्माण के लिए महत्वपूर्ण ईंधन आकाशगंगाओं में मौजूद परमाणु हाइड्रोजन सामग्री है। करीब 9 अरब साल पहले और 8 अरब साल पहले आकाशगंगाओं में परमाणु हाइड्रोजन सामग्री को मापने वाले दो अध्ययनों ने उन्हें इस निष्कर्ष पर पहुंचने में मदद की है। पुणे के नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स (एनसीआरए-टीआईएफआर) और बेंगलूरु में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्ग...

ब्लैक फंगस के इलाज के लिए अब महज 1200 रु में मिलेगा Amphotericin B Emulsion इंजेक्शन, नहीं खरीदने पड़ेंगे कई गुना महंगे दाम के इंजेक्शन

नई दिल्‍ली। कोरोना महामारी के बाद जानलेवा साबित हो रहे हैं ब्लैक फंगस को लेकर एक राहत की खबर आई है। ब्लैक फंगस इंफेक्शन के इलाज के लिए वर्धा में जेनेटेक लाईफ सायन्सेस ने Amphotericin B Emulsion इंजेक्शन का बहुत कम दामों पर उत्पादन शुरू किया हैं। इससे पहले जहां भारत में एक ही कंपनी इसका उत्पाद करती थी वहीं अब उत्पादन के बाद इसी सोमवार से इस इंजेक्शन का वितरण शुरू हो जाएगा। इसकी कीमत 1200 रुपये होगी जबकि अभी यह इंजेक्शन 7000 रुपये तक मिल रहा था। कई लोग मांग ज्यादा होने से मनमाने दाम भी वसूल रहे थे। बता दें कि इस पूरे प्रोजेक्ट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मदद कर रहे थे। इससे पहले कंपनी रेमडेसिवीर इंजेक्शन का भी उत्पादन शुरू कर चुकी है। गड़करी के ट्वीटर पर इसकी जानकारी देते हुए कहा गया कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की कोशिशों से कोविड के बाद तेज़ी से फैल रहे ब्लैक फंगस इन...

अब खुद ही घर पर कीजिए कोरोना टेस्ट, और मोबाइल एप से पाएं अपनी रिपोर्ट

दिल्ली। कोराना की जांच के लिए अब लैब जाने या लाइन में लग कर टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं है। अब घर पर ही कोरोना टेस्ट किया जा सकेगा। आईसीएमआर ने एक किट को मंजूरी दी है। इस किट के जरिये घर में ही नाक से कोरोना जांच के लिए सैंपल ले सकते हैं। यह एक होम रैपिड एंटीजन टेस्टिंग (आरएटी) किट है। इसका यूज कोरोना के हल्के लक्षण या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हुए लोग कर सकते हैं। ICMR ने कोरोना टेस्ट किट को लेकर नई एडवाइजरी भी दी है। आईसीएमआर ने साफ कहा है कि होम टेस्टिंग सिर्फ सिम्प्टोमेटिक मरीजों के लिए है। यह उनके लिए भी है जो लोग लैब में कन्फर्म केस के सीधे संपर्क में आए हों। होम टेस्टिंग के लिए गूगल प्ले स्टोर और एपल स्टोर से मोबाइल ऐप डाउनलोड करना होगा। मोबाइल ऐप के जरिये पॉजिटिव और निगेटिव रिपोर्ट मिलेगी। जो लोग होम टेस्टिंग करेंगे उन्हें टेस्ट स्ट्रिप पिक्चर खींचनी होगी और उसी फो...

कोरोना के खात्मे के लिए रामबाण DRDO की एंटी Covid दवा 2DG लॉन्च

दिल्ली। कोरोना के खात्मे के लिए रामबाण दवा लॉन्च हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कोरोनावायरस (Coronavirus) के मरीजों के लिए DRDO की एंटी Covid दवा 2DG की पहली खेप लॉन्च की। इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन और AIIMS के डायरेक्टर डॉ.रणदीप गुलेरिया भी मौजूद थे। 2DG पहली ऐसी दवा है, जिसे एंटी-Covid दवा कहा गया हैं और DCGI ने पिछले हफ्ते ही इस दवा के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। इस दवा को एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि ये अस्पताल में भर्ती मरीजों की तेजी से रिकवरी में मदद करती है और ऑक्सीजन सपोर्ट को भी कम करती है। एक मरीज को इसकी 5-7 डोज की जरूरत होगी। माना जा रहा है इस दवा के प्रयोग से कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से ठीक होता है। और यह कोरोना के खिलाफ जंग में एक बड़ी गेम चेंजर भारत के लिए साबित होगी। इस दवा के इस्तेमाल...

कोरोना के खिलाफ DRDO की भारतीय संजीवनी '2DG' दवा कल होगी लॉन्च . जानें क्यों कारगर है यह दवा

दिल्ली। कोरोना के खिलाफ जंग में भारत ने एक मजबूत संजीवनी तैयार कर ली है। शरीर में पहुंचकर नुकसान पहुंचाने वाले कोरोना वायरस का मुकाबला करने के लिए डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) के सहयोगी संस्थान आइएनएमएस (इंस्टीट्यूट आफ न्यूक्लियर मेडिसीन एंड एलाइड साइंसेज) के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार 2डीजी (2 डीआक्सी-डी ग्लूकोज) 17 मई की सुबह लांच की जाएगी। माना जा रहा है इस दवा के प्रयोग से कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से ठीक होता है। और यह कोरोना के खिलाफ जंग में एक बड़ी गेम चेंजर भारत के लिए साबित होगी। इस दवा के इस्तेमाल से कोरोना मरीजों की ऑक्सजीन पर निर्भरता काफी कम हो जाती है। बस इसे पानी में घोल कर लेना होता है। ​​​​​​ दवा को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की लैब इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड अलाइड साइंस (INMAS) ने हैदराबाद के डॉ. रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर तैयार कि...

देश में अब जोरशोर से चलेगा 5G ट्रायल, केंद्र सरकार ने गांवों और शहरों में ट्रायल की दी मंजूरी

दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने मंगलवार को 5जी परीक्षण के लिए दूरसंचार कंपनियों के आवेदनों को मंजूरी दे दी. सबसे बड़ी बात यह है कि एक ओर जहां देश में इस बात पर बहस छिड़ी है कि 5G तकनीक भी कथित तौर पर जो कोरोना महामारी फैल रही है उसके लिए जिम्मेदार हो सकती है और इस पर पूरे देश भर में बहस चल रही है, सोशल मीडिया पर काफी पोस्ट वायरल हो रही है, उस बीच में यह मंजूरी मिलना काफी अहम हो जाता है। हालांकि ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि इस तकनीक के कारण ऐसी कोई भयावहता होती है। उधर इस मंजूरी की शर्त के मुताबिक इसमें कोई भी कंपनी चीनी कंपनी की प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल नहीं करेगी. दूरसंचार विभाग ने रिलाइंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन और एमटीएनएल के आवेदनों को इसके लिये मंजूरी दी है. बड़ी बातें: - दूरसंचार विभाग की तरफ से जारी बयान में 5जी परीक्षण के लिए स्वीकृत दूरसंचार गीयर विनिर्माताओं की सूच...

भारतीयों को मिलेगी दुनिया मे कोरोना का खात्मा करने वाली सबसे मजबूत स्पुतनिक-V वैक्सीन, 97.6% तक देती है जबरदस्त परिणाम

नई दिल्ली। कोरोना से त्रस्त भारत के लिए एक राहत भरी खबर है। भारत को जो तीसरी वैक्सीन रूस की स्पुतनिक-V मिलनी वाली है, वो दुनिया की सबसे असरकारी या यों कहें सबसे ताकतवर वैक्सीन साबित हुई है. भारत की सेंट्रल ड्रग्स अथॉरिटी ने पिछले हफ्ते ही स्पुतनिक-V के इमरजेंसी यूज की मंजूरी दी है. और अब 38 लाख लोगों पर हुई एक स्टडी में सामने आया है कि कोरोना के खिलाफ स्पुतनिक-V की एफिकेसी 97.6% तक है. जो अन्य मौजूदा वैक्सीन की तुलना में सबसे बेहतरीन परिणाम देने वाली साबित हुई है। रूसी वैक्सीन स्पुतनिक-V के लीड डेवलपर वैज्ञानिक डेनिस लोगुनोव ने बताया कि कोरोना के खिलाफ स्पुतनिक-V 97.6% तक प्रभावी साबित हुई है. 38 लाख लोग, जिन्हें इस वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं, उनके डेटाबेस से पता चलता है कि ये वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 97.6% तक असरकारी है. इससे पहले तक इस वैक्सीन की एफिकेसी 91.6% तक बताई गई थी. य...

Whats app में मिलेगा अब नया फीचर, अपने ऐप में कलर को संशोधित करने का मिलेगा मौका

नई दिल्ली. Whatsapp में चैटिंग एक्सपीरियंस और बेहतर होने जा रहा है। इस नए फीचर की मदद से यूजर्स व्हाट्सएप की चैटिंग का कलर बदल सकेंगे। जिससे टेक्स्ट और अट्रैक्टिव हो जाएगा। व्हाट्सएप से संबंधित अपडेट की जानकारी देने वाली वेबसाइट WABetaInfo ने इस अपकमिंग फीचर्स की जानकारी दी है। यह नई सुविधा व्हाट्सएप उपयोगकर्ताओं को चैट बॉक्स में रंगों को संशोधित करने और स्क्रीन पर हरे रंग की एक गहरी छाया चुनने का मौका देगी। बता दें कि प्राइवेसी की मुद्दे पर लगातार आलोचना का शिकार होने के बावजूद WhatsApp कई अन्य नई और रोमांचक विशेषताओं पर काम कर रहा है। हाल ही में यह भी बताया गया था कि व्हाट्सएप एक ऐसी सुविधा पर काम कर रहा है जो उपयोगकर्ताओं को अपनी सुविधानुसार ध्वनि संदेशों की प्लेबैक गति को बदलने की अनुमति देगा। फीचर अभी बीटा में है जिसे वर्तमान में iOS उपयोगकर्ताओं के लिए विकसित किया जा रहा है। इस फीच...

एलन मस्क पूरी दुनिया का इंटरनेट बादशाह बनने की तैयारी में, भारत में दी दस्तक

मुबंई (संदीप श्रीवास्तव). दुनियाभर में अपने इनोवेशन के लिए मशहूर चर्चित बिजनेसमेन एलन मस्क ने भारतीय इंटरनेट बाजार में Starlink के जरिए दस्तक दे दी है. रिलायंस समेत कई बड़ी टेलिकॉम और इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियों की इसी के साथ नींद उड़ गई है. और अभी से एलन मस्क के व्यापारिक हमले से बचने के प्रयास तेज कर दिए हैं.  एलन मस्क की कंपनी Starlink भारत में अब जल्द ही इंटरनेट सर्विस उपलब्ध करवाने जा रही है और इस सर्विस के लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है. दरअसल Elon Musk चाहते हैं कि सेटैलाइट के जरिए लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराया जाए. सैटेलाइट इंटरनेट का कॉन्सेप्ट हालांकि काफी पहले से ही लेकिन जिस अग्रेसिव मार्केटिंग और तैयारी के साथ वो बाजार में दस्तक दे रहे हैं इससे पहले कोई भी इंटरनेट सेवा प्रदाता इस स्तर पर नहीं आया.  बता दें कि SpaceX की सैटेलाइट बेस्ड इंटरनेट ...

राजस्थान के गैर सहायता प्राप्त स्कूलों को सुप्रीम कोर्ट ने 6 किस्तो में फीस लेने की दी मंजूरी

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने लाखों अभिभावकों को झटका देते हुए राजस्थान के गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को 6 किस्तों में फीस लेने की मंजूरी दे दी है. इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले पर भी रोक लगा दी है जिसने प्रबंधन को केवल 60 से 70 फीसदी ट्यूशन फीस ही एकत्र करने की अनुमति दी थी. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने एक और बात साफ कर दी है कि  5 मार्च 2021 से 6 मासिक किस्तों में छात्रों से 100 फीसदी  स्कूल फीस लेने की अनुमति तो इन स्कूलों को होगी लेकिन स्कूल फीस का भुगतान न करने के आधार पर छात्रों को न तो निष्कासित किया जा सकेगा और ना ही उनका परीक्षा परिणाम को रोका जा सकेगा.  अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि किस्त व्यवस्था 2021.2022 के शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों द्वारा देय शुल्क से स्वतंत्र होगी. ...